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जब तक कि बचà¥â€à¤šà¤¾ à¤à¤• साल यानी 12 महीने का नहीं हो जाता, तब तक उसे गाय का दूध नहीं देना चाहिà¤à¥¤
अपने शिशॠको गाय का दूध देना कब शà¥à¤°à¥ कर सकती हूं?
शिशॠके à¤à¤• साल का होने से पहले उसे गाय का दूध मà¥à¤–à¥à¤¯ पेय के तौर पर नहीं दिया जाना चाहिà¤à¥¤
शिशॠजब छह माह का हो जाà¤, तो उसका खाना बनाने के लिठआप थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में गाय का दूध इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं। दही, पनीर और हलà¥à¤•ी चीज़ à¤à¥€ छह महीने के बाद से शिशॠको दी जा सकती हैं। मगर, गाय का दूध मà¥à¤–à¥à¤¯ पेय के तौर पर देने से à¤à¤• साल का होने से पहले उसे जरà¥à¤°à¥€ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी हो सकती है।
अपने शिशॠके आहार में दूध का गिलास या सिपà¥à¤ªà¥€ कप शà¥à¤°à¥ करने के बाद à¤à¥€ आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ जारी रख सकती हैं। सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ की सलाह है कि शिशॠके दो साल का होने तक उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना जारी रखना चाहिà¤à¥¤
शिशॠको गाय का दूध देने के लिठइंतजार कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करना चाहिà¤?
गाय के दूध में शिशà¥à¤“ं के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आयरन नहीं होता। शिशॠके à¤à¤• साल का होने से पहले सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध की बजाय गाय का दूध देने से, शिशॠमें आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी हो जाती है। इससे à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ (रकà¥à¤¤ में आयरन की कमी) à¤à¥€ हो सकता है।
इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध में गाय के दूध की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक आयरन और विटामिन होते हैं। इसलिठशिशॠके पहले साल में अगर जरà¥à¤°à¤¤ हो, तो सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध के विकलà¥à¤ª के तौर पर इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर है।
साथ ही, शिशॠगाय का दूध पूरी तरह या सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध की तरह आसानी से नहीं पचा स​कते। गाय के दूध में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और खनिज की उचà¥à¤š सघनता होती है, जिससे शिशॠके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर जोर पड़ता है।
गाय के दूध से दूध के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ (मिलà¥à¤• à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€) à¤à¥€ हो सकती है। अगर, आपको संदेह हो कि शिशॠको गाय के दूध से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ या इसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ है, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
पहले छह माह के बाद, सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध आयरन का परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ नहीं रहता। इसलिà¤, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माताओं को यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना चाहिठकि शिशॠके शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ ठोस आहार में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आयरन शामिल हो। इसका मतलब है कि शिशॠके आहार में कम वसा वाला लाल मांस (लीन रेड मीट), सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और ताजे फलों या मेवों का गाढ़ा गूदा (पà¥à¤¯à¥‚री) शामिल करना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤• साल का होने के बाद आपका शिशॠगाय का दूध पचाने के लिठतैयार हो जाता है। तब संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ ठोस आहार जैसे कि सीरियलà¥à¤¸, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फल और मांस के साथ-साथ शिशॠको गाय का दूध देना à¤à¥€ शà¥à¤°à¥ किया जा सकता है।
à¤à¤• साल के शिशॠको मà¥à¤à¥‡ गाय का कितना दूध देना चाहिà¤?
शिशॠके à¤à¤• साल का होने के बाद, उसे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ कम से कम 350 मि.ली. और अधिकतम 400 मि.ली. गाय के दूध की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। यह उसे जरà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, मैगà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन बी12 व बी2 (राइबोफà¥à¤²à¥‡à¤µà¤¿à¤¨) पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करेगा। इसमें कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¥€ है जो बचà¥à¤šà¥‡ को दिन à¤à¤° à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहने के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ देता है।
शिशॠके आहार में दूध की à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£à¥ à¤à¥‚मिका होनी चाहिà¤, मगर विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इसे जरà¥à¤°à¤¤ से अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में नहीं दिया जाना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ इसलिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे उसकी ठोस आहार की à¤à¥‚ख कम हो सकती है, जिसकी वजह से आयरन और विटामिन जैसे जरà¥à¤°à¥€ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के सेवन में कमी आ सकती है।
अगर शिशॠदूध नहीं पीना चाहता, तो इसके बदले उसे कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® समृदà¥à¤§ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के दो हिसà¥à¤¸à¥‡ खिलाइà¤à¥¤
आप दूध में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ अनà¥à¤ªà¥‚रक मिलाने पर à¤à¥€ विचार कर सकते हैं ताकि दूध जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤•र हो और शिशॠको अनà¥à¤¯ सूकà¥à¤·à¥à¤® पोषक ततà¥à¤µ मिल सकें। बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° और विकास को देखते हà¥à¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° सही अनà¥à¤ªà¥‚रक की सलाह देंगे।
शिशॠको गाय का वसा यà¥à¤•à¥à¤¤ (फà¥à¤² कà¥à¤°à¥€à¤®) दूध देना चाहिठया फिर मलाईरहित (टोंड)? दूध?
यह आपके बचà¥à¤šà¥‡ की बढ़त पर निरà¥à¤à¤° करता है। आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताà¤à¤‚गे कि बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसबसे बेहतर कà¥à¤¯à¤¾ है।
लंबे समय तक, मलाई यà¥à¤•à¥à¤¤ (फà¥à¤² कà¥à¤°à¥€à¤®) या गाय का वसा यà¥à¤•à¥à¤¤ दूध ही बेहतर विकलà¥à¤ª माना जाता था। यह इसलिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠको दूध में मौजूद वसा से मिलने वाली ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरà¥à¤°à¤¤ होती है। वसा में आवशà¥à¤¯à¤• विटामिन ठऔर डी à¤à¥€ होता है।
मगर, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मोटापे की बढ़ती दर को देखते हà¥à¤ अधिक से अधिक विशेषजà¥à¤ž अब मलाईरहित (टोंड) दूध पिलाने की सलाह देने लगे हैं।
शोध à¤à¥€ यही संकेत देते हैं कि, अगर शिशॠकी जिंदगी के दूसरे साल में टोंड दूध इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाà¤, तो à¤à¥€ उनके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• विकास में अवरोध या विटामिन की कमी नहीं पाई जाती है।
दूध के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार उपलबà¥à¤§ हैं और आपके पास इनमें से चà¥à¤¨à¤¨à¥‡ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विकलà¥à¤ª हैं।
अगर आप शिशॠको मलाईरहित यानि टोंड दूध देती हैं, तो आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना होगा कि कà¥à¤¯à¤¾ उसे आहार में अनà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ से थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में वसा की जरà¥à¤°à¤¤ है या नहीं। वनसà¥à¤ªà¤¤à¥€ तेल, घी और बिना नमक वाले मकà¥à¤–न वसा के लिठबेहतर विकलà¥à¤ª हैं। मगर à¤à¥‹à¤œà¤¨ पर इनकी परत न बने या ये à¤à¥‹à¤œà¤¨ का मà¥à¤–à¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¤¾ नहीं होना चाहिà¤à¥¤
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आजकल पैकेट वाले दूध की अधिकांश वैरायटी में विटामिन डाले जाते हैं, विशेषकर विटामिन डी। साथ ही, पिछले दशकों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अब बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में वसा के सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ काफी बढ़ गठहैं।
विशेषजà¥à¤ž यह à¤à¥€ सलाह देते हैं कि बचà¥à¤šà¥‡ अगर गà¥à¤°à¥‹à¤¥ चारà¥à¤Ÿ में सामानà¥à¤¯ रेंज में हों, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी परà¥à¤¸à¥‡à¤‚टाइल रेंज के अंदर ही बढ़ना चाहिà¤, न कि रेंज से ऊपर बढ़ना चाहिà¤à¥¤
मैं शिशॠको गाय का दूध पसंद करने के लिठकैसे पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ कर सकती हूं?
कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ गाय का दूध आसानी से पीने लगते हैं, मगर वही कà¥à¤› इसे पीने में आनाकानी करते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसका टेकà¥à¤¸à¤šà¤°, सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और यहां तक की तापमान à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध से अलग होता है।
अगर आपके शिशॠको गाय के दूध का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ नापसंद है, तो इसे सà¥à¤¤à¤¨ दूध या डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द दूध के साथ मिलाकर दें। तीन हिसà¥à¤¸à¥‡ सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध में à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ गाय का दूध मिलाकर देना शà¥à¤°à¥ करें। हर कà¥à¤› दिनों बाद गाय के दूध की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ाती रहें। à¤à¤¸à¤¾ तब तक करें, जब तक शिशॠआराम से केवल गाय का दूध ही पीने लगे। आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताया गया कोई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ अनà¥à¤ªà¥‚रक à¤à¥€ दूध में मिला सकती हैं।
अगर, आपके शिशॠको ठंडा दूध पीना पसंद है, तो उसे गरà¥à¤® दूध देने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं है। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि गाय का दूध अचà¥à¤›à¥€ तरह उबाला और पाशà¥à¤šà¥à¤¯à¥à¤°à¤¿à¤•ृत किया गया है। कचà¥à¤šà¥‡ दूध में हानिकारक जीवाणॠजैसे ई कॉली और सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ हो सकते है।
साथ ही, कà¥à¤› विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि इस सà¥à¤¤à¤° पर महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि शिशॠकी निपà¥à¤ªà¤² वाली बोतल पर निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ को समापà¥à¤¤ किया जाà¤à¥¤ इसलिठआप शिशॠको मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® टोंटी वाले सिपà¥à¤ªà¥€ कप या ढकà¥à¤•न वाले कप में दूध देना शà¥à¤°à¥ कर सकती हैं।
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